2016-03-08 03:29:39
👍🏻
*बटुए को कहाँ मालूम*
*पैसे उधार के हैं…*
*वो तो बस फूला ही रहता है*
*अपने गुमान में…*
*ठीक यह ही हाल हमारा है*
*साँसे उस प्रभु की उधार दी हुई है।*
*पर ना जाने गुमान किस बात पर है*
*🙏🏻🌺🌹सुप्रभात 🌹🌺🙏🏻*