गुलाब की खुश्बू भी


गुलाब की खुश्बू भी फीकी लगती है
कौन सी खुश्बू मुझ में बसा गई हो तुम
ज़िन्दगी है क्या तेरी चाहत के सिवा
ये कैसा ख्याब आँखों में दिखा गई हो तुम


Tags : love