मेरी जान बस तुम
मेरी जान बस तुम यकीन रखना…”
मै रहूं ना रहूं तेरी जिन्दगी सलामत रहेगी…
मेरी दुवायें मिलकर हरदम तेरी हिफाजत करेंगी…
कहतें है हर दुवा तो कबूल नहीं होती किसी की…
पर मेरी मांगी हजार दुवाओं में से एक तो असर करेगी…
मेरी जान बस तुम यकीन रखना…
जब भी तेरी आंखों से आंशू की धार बहेगी…
जिन्दगी जब गम के घूट तुझे पिलाया करेगी…
उस वक्त बनके दरिया खुशी मैं तुझमें उतर जाउगां…
और हर लहर खुशी की तेरे दर्द को मिटाया करेगी…
मेरी जान बस तुम यकीन रखना…
जिन्दगी के बाद मौत जब तेरी जिन्दगी को सतया करेगी…
मेरी रूह बनके दुवा रब से तेरी खातिर इल्तजायें करेगी…
मौत के बाद तेरी जिन्दगी का हर लम्हा मेरे साथ गुजरेगा…
और उस लम्हे में हजार बार तू मुझमें समाया करेगी…
मेरी जान बस तुम यकीन रखना…