सांन्सो की हर सरगम


सांन्सो की हर सरगम मे तूम सूर बनकर बस गये..।
दील की हर धडकन मे तूम ऐक गूंन्ज बनकर बस गये.।
समज ना शके तूम न समज शके कूछ हम भी,
दील मे तो बसे ही थे रूह मे भी मेरी तूम बस गये.।। …


Tags : love