सात समन्दर से ज्यादा


सात समन्दर से ज्यादा खारा पानी रखता हूँ,
सुन यार मेरे मैं अपने जीने के मानी रखता हूँ..
हर पल भीगे रहते हैं मेरी पलकों के किनारे,
दिल में एक से बढ़कर एक कहानी रखता हूँ..
मेरे चमकते चेहरे ने चुगली कर ही दी तो सुनो,
अरे हाँ भई हाँ मैं भी दिलवर जानी रखता हूँ..
बड़ा मजा आता है ‘उससे’ दुनियादारी समझने में,
कई डिग्रियों के बावजूद खुद को अज…


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