हमने जो की थी


हमने जो की थी मोहब्बत, आज भी है
तेरी जुल्फों के साये की चाहत आज भी है

रात कटती है आज भी, खयालो में तेरे
दीवानों सी वो मेरी हालत आज भी है

किसी और के तसव्वुर को उठती नहीं
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है

चाह के एक बार चाहे फिर छोड़ देना तू
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाज़त आज भी है…
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाज़त आज भी है…..


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