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युँही बे सबाब ना


युँही बे सबाब ना फिरा करो,
कोई शाम घर भी रहा करो..
वो गज़ल की सच्ची किताब है,
उसे छुपके-छुपके पड़ा करो..
मुझे इश्तिहार सी लगती हैं..
ये महोब्बतों की कहनीयाँ..
जो सुना नहीं वो कहा करो..
जो कहा नहीं वो सुना करो..



Roop Hai Ya Roshni


Roop Hai Ya Roshni Jo Dil Ko Jalati Hai,
Paas Ho Dil Ke Kareeb Tum Magar,
Sapno Me Aakar Kahi Door Tum Chali Jati Ho,
Hokar Yaado Me Saath Aksar Tum Kehkar Chali Jati Ho………

Uske pyar mein do


Uske pyar mein do pal ki zindgi bahut hai, ek pal ki hasi aur ek pal ki kushi bahut hai,

Ye dunia muje jane ya na jane, uski ankhe muje pehchan le yahi mere liye bahut hai.

हर सागर के दो


हर सागर के दो किनारे होते है,
कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है,
ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो,
क्योंकी जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है|

ना वक्त इतना हैं


ना वक्त इतना हैं कि सिलेबस पूरा किया जाए;
ना तरकीब कोई की एग्जाम पास किया जाए;
ना जाने कौन सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने;
ना रोया जाय और ना सोया जाए।