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“छाले पैरों के अक्सर


“छाले पैरों के अक्सर पूछा करते हैं हमसे ये…
क्यूं जाते हो उस से मिलने तुम जिसे तुम्हारी जरूरत नहीं…
हुए जा रहे हो पागल तुम उसे सीने से लगाने को…
और वो है जिस को तुम से रत्ती भर भी महोब्बत नहीं….”

क्या बतायें हम पैरों के छालों से….

वो नहीं होते पास तो हर तरफ कमी सी रहती है….
होंथ मुस्कुराते है, आंखों में नमी सी रहती है….

अरमान दिल के जन्म लेने से पहले ही दम तोड देते है…
और दिल की हर बात जुबान तक आ के थमी सी रहती है….

उनकी आंखों , उनके होंथ, उनकी जुल्फे, क्या कहें हम….
सिर्फ उन के खयाल से ये जिन्दगी सबनमी सी रहती है…

दर्द होता है कितना ये बयान कर पाते नही किसी से….
हर ख्वाहिश अपनी बर्फ बन के दिल में जमी सी रहती है….

वो देखते है हमे अपनी खिडकी से झांक के हर रोज…
नजर उनके दीदार के लिए उस खिडकी पे जमी सी रहती है…

झलक उनकी सांसों को जिन्दा करने के लिए काफी होती है…
और धडकन इस दिल की जिन्दा होने को थमी सी रहती है….

कुछ तो है रास्ता उस हसीन चेहरे से मेरी सांसों का…
ना दिखे वो चेहरा तो हर जगह कुछ कमी सी रहती है…

ढूंढती है ये नजर बस एक हां उसके आंखों में, और….
इस उम्मीद की तलाश में ये नजर थमी सी रहती है….

वो सो जाते है


वो सो जाते है अकसर हमें याद किए बगैर ।
हमें नींद नहीं आती उनसे बात किए बगैर ।
कसूर उनका नहीं कसूर तो हमारा है ।
क्योंकि उन्हें चाहा भी तो उनकी ईजाजत लिए बगैर ।…

Ek do din me


Ek do din me wo ikraar kaha aayega
Har subah ek hi akhbaar kaha aayega
Aaj bandha hai jo inn baaton me to bahal jayenge
Roj inn baahon ka tyohaar kaha aayega

Tumhara muskurahat tum sabko


Tumhara muskurahat tum sabko dedo…
Lekin tumhara pyaar sirf mujhe dedo…
Tumhara haseen tum sabko dikado…
Lekin tumhara wafa sirf mujhe dikado…
Tumhara khushi tum sabse baatlo…
Lekin tumhara gham sirf mujhse baatlo…

Jab Talak Saans Hai,Bhukh


Jab Talak Saans Hai,Bhukh Hai, Pyas Hai,
Ye Hi Itihaas Hai,Rakh Ke Kaandhe Pe Hall,

Khet Ki Or Chal,
Jo Hua So Hua,

Jo Mara Kyu Mara, Jo Jala Kyu Jala,
Jo Luta Kyu Lutta, Muddton Se Gham Hain,